Sunday, 4 December 2016

Like & Commments

Now a day people make interest in internet where they can find interesting thing may be horrible or trouble  .
but they dint away from like & comment. Similarly this is a story where you can found your self for internet how much they passed there time over INTERNET, LIKE-DISLIKE & COMMENTS.


KANCHHA

"THIS IS A STORY OF BOY WHO BORN IN HILL AREA. HER MOTHER SONA & HIS FATHER HARIYA. हरिया एक किसान था जो की रोज खेतो में  अपना जीवन यापन करता था.
एक दिन की बात थी जब हरिया खेत में अपने बैलो के साथ काम कर रहा था तभी उसका बीटा कांछा वह आया और उससे शहर जा के पढाई करने को बोला क्यों की हरिया के पास इतने पैसे नही थे जो उसे शहर भज सके पढाई करने को , पर उसे अपने पुत्र की इस बात को गहराई से लिया और ओ अपने बैलो को बेच के कांछा को शहर भेज दिया।
शेहर आके कांछा एक बिद्यालय में दाखिल हो गया क्यों की हरिया किसान का बीटा था और पहाड़ी एरिया से था तो अपने माँ बाप के गरीबी को समझते हुए खूब मेहनत करता।
बिद्यालय में तरह तरह के बच्चे आया करते थे कुछ अपने माँ बाप के साथ बड़ी बड़ी गाड़ियों से आते कुछ विद्यालय के हास्टल में रहते  उनके माँ बाप समय समय पर ममिलने आते थे.
समय बिताता गया हरिया पढ़ने में होशियार था तो उस कारन उसके रिजल्ट भी अच्छे आये , नए दोस्त भी बने
आगे की पढाई के लिए कांछा को फीस भरना था पर घर के हालात ख़राब होने के कारन उसे घर से पैसे नही मिल प् रहे थे, फिर  पार्ट टाइम वर्क करने को सोचा तो उसे इन्टरनेट और मोबाइल से इंटरेक्ट हुआ
कुछ दोस्त जिनके पास मोबाइल और इन्टरनेट दोनों था उन्होंने कांछा कआ साठ दिया
और उसे आगे पढने का रास्ता मिला कांछा ऑनलाइन ट्यूशन देता जिससे बहार के देशो में पढने वाले स्टूडेंट ऑनलाइन प्रोबले सोल्वे करवाते और कांछा  को काफी सुपोर्ट म्मिला।
आज कांछा अपने गांव में खुद इन्टरनेट मोबाइल और स्टडी क्लासेज चला रहा

वह चाहता चाहता  जा के अछि कमाई कर सकता था तो उसने आने गांव का रास्ता चुना आज कांछा अपने गांव का हीरो है
हरिया और उसके परिवार अब खुसी के साथ जीवन यापन कर रहे है,.



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सत्येंद्र पाठक

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